हमारे देश में ऐसी कई जगह हैं जहां के बच्चे आर्थिक तंगी की वजह से पढ़ नहीं पाते। कुछ बनने की चाह रखने वाले बच्चों के सपने अधूरे रह जाते हैं।ऐसे ही बच्चों को तालीम दिलाकर उनकी हसरतों को पूरा कराने में एक संस्था से जुड़े युवा निस्वार्थ भाव से जुटे हैं। कॉलेज में पढऩे वाले युवा गली-कूचों में कचरा बीनने वाले बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रहे है। यह बच्चे मजबूरी में सुबह उठते ही गली-गली घूमकर कूड़ा बीनने निकलते हैं। साथ ही अब इस संस्था के युवा ढोलक बस्ती में दूसरी शाखा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। जिससे गरीब परिवार के बच्चों का भविष्य संवर सके। ऐसे ही जुनूनी युवाओं की जरूरत राजनीति में भी है। अगर यही युवा देश की राजनीति में आ जायें तो देश का भविष्य और विकास दोनों सही तरह से हो सकेगा। इसी राह पर निकला है Iyuva जिसका लक्ष्य युवाओं को राजनीति में 32% आरक्षण दिलाना है। जिसमें युवाओं का योगदान जरूरी है।